नेपालको योजनावद्ध विकासक्रममा दोस्रो त्रिवर्षीय योजना
- अवधि: वि.सं. २०१९ देखि २०२२ सम्म (सन् १९६२–१९६५)
- प्रकृत: त्रिवर्षीय योजना
- नेपालको इतिहासमा एक मात्र त्रिवर्षीय योजना,
- नेतृत्व: तत्कालीन राजा महेन्द्रको अध्यक्षतामा गठित राष्ट्रिय योजना परिषद्मार्फत यो योजना सञ्चालन गरिएको,
- मुख्य उद्देश्य: भविष्यमा बृहत् योजनाहरू बनाउन र कार्यान्वयन गर्न आवश्यक आधारशिला खडा गर्नु, उत्पादन बढाउनु, आर्थिक स्थिरता कायम गर्नु र रोजगारीका अवसरहरू सिर्जना गर्नु,
वित्तीय संरचना:
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विवरण
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रकम (करोडमा)
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कुल विनियोजित बजेट (लक्ष्य)
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६०.०० करोड
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वास्तविक खर्च
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५९.६८ करोड
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- वैदेशिक सहायता: ५० करोड रुपैयाँ (कुल बजेटको करिब ८३%)
- नेपाल सरकार (आन्तरिक): १० करोड रुपैयाँ
क्षेत्रगत बजेट विनियोजन (Sectoral Allocation):
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विकासको क्षेत्र
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अनुमानित खर्च (लाख रुपैयाँमा)
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प्रतिशत (%)
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|---|---|---|
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यातायात, सञ्चार र विद्युत
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२३४५
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३९%
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सामाजिक सेवा (शिक्षा, स्वास्थ्य आदि)
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१०२७
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१७%
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उद्योग र पर्यटन
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१०२०
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१७%
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कृषि, सिंचाई र वन
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८१६
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१४%
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प्रशासनिक सुधार, सर्भे, तथ्याङ्क र तालिम
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७९२
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१३%
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कुल योग
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६००० लाख (६० करोड)
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१००%
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प्रमुख वैदेशिक सहायताका स्रोतहरू:
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दातृ राष्ट्र/निकाय
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रकम (करोडमा)
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संयुक्त राज्य अमेरिका
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२१.०० करोड
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भारत
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१४.०० करोड
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सोभियत संघ (USSR)
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८.०० करोड
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चीन
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४.०० करोड
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संयुक्त अधिराज्य (UK)
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१.५० करोड
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संयुक्त राष्ट्र संघ (UN)
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१.०० करोड
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योजनाका मुख्य लक्ष्य र उपलब्धिहरू:
- कृषि: वार्षिक १० लाख मुरी (dg) खाद्यान्न उत्पादन बढाउने र साना सिंचाई आयोजनाहरूमा जोड दिने लक्ष्य रहेको,
- भूमिसुधार: ४६ लाख एकड जमिनको जग्गा नापजाँच (Cadastral Survey) गर्ने र मोही हकको रक्षा गर्न भूमिसुधार कार्यक्रम लागु गर्ने नीति लिइएको,
- उद्योग: वीरगञ्ज चिनी कारखाना र जनकपुर चुरोट कारखाना जस्ता ठूला उद्योगहरूलाई पूर्णता दिई सञ्चालन गर्ने लक्ष्य राखिएको,
- विद्युत: देशभर २२,००० किलोवाट थप विद्युत उत्पादन गर्ने, जसमा त्रिशूली र पनौती जस्ता आयोजनाहरू मुख्य रहेको,
- यातायात: ९२४ माइल सडक निर्माण र सुधार गर्ने, जसमा पूर्व-पश्चिम राजमार्ग र काठमाडौं-कोदारी (अरनिको राजमार्ग) जस्ता रणनीतिक सडकहरूलाई प्राथमिकता दिइएको,
- संस्थागत व्यवस्था: गाउँ तहको विकासका लागि पञ्चायत प्रणाली लाई माध्यमको रूपमा अपनाइयो र किसानहरूलाई ऋण उपलब्ध गराउन कृषि तथा सहकारी बैंक को स्थापना गरिएको,
नेपालको दोस्रो त्रिवर्षीय योजना (२०१९-२०२२) का महत्वपूर्ण र कोशेढुङ्गे पक्षहरू
| मुख्य क्षेत्र / पक्ष | विस्तृत विवरण (कोशेढुङ्गे कार्य तथा लक्ष्यहरू) |
| संस्थागत र प्रशासनिक सुधार |
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| पञ्चायत र जनसहभागिताको सुरुवात |
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| रणनीतिक सडक र पूर्वाधार |
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| भूमिसुधार र जग्गा नापजाँच |
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| औद्योगिक र विद्युत शक्तिमा जोड |
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| संस्थागत ऋणको व्यवस्था |
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| तथ्याङ्क सङ्कलनको थालनी |
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