नेपालको योजनावद्ध विकासको इतिहासमा चौथो पञ्चवर्षीय योजना
- अवधि: वि.सं. २०२७ देखि २०३२ सम्म (सन् १९७०–१९७५)
- प्रकृत: पञ्चवर्षीय योजना
- प्रशासनिक व्यवस्था: यस योजनाको अवधिमा वि.सं. २०२९ मा राष्ट्रिय योजना आयोगलाई नयाँ ढंगले पुनर्गठन गरिएको,
वित्तीय संरचना:
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विवरण
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रकम (करोडमा)
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कुल विनियोजित बजेट (लक्ष्य)
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३५४.०० करोड
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पुँजीगत बजेट (लक्ष्य)
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२९३.०० करोड
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वास्तविक खर्च
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३३१.५६ करोड
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क्षेत्रगत लगानीको प्रक्षेपण (क्षेत्रका आधारमा):
- सरकारी क्षेत्र: २२५ करोड
- पञ्चायत क्षेत्र: १२ करोड
- निजी (गैर-सरकारी) क्षेत्र: ६५ करोड
क्षेत्रगत बजेट विनियोजन:
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विकासको क्षेत्र
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विनियोजित रकम (करोडमा)
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यातायात तथा सञ्चार
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१२५.२०
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कृषि, भूमिसुधार, सिँचाइ, वन तथा वनस्पति
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११७.००
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उद्योग, वाणिज्य, विद्युत र खानी
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७२.००
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पञ्चायत, शिक्षा, स्वास्थ्य र अन्य सामाजिक सेवा
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३८.१५
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आर्थिक स्रोतको व्यवस्था:
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स्रोत
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रकम (करोडमा)
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राजस्व बचत (Revenue Surplus)
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३३.००
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आन्तरिक ऋण
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१५.००
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वैदेशिक अनुदान (Foreign Grant)
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१२९.००
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वैदेशिक ऋण (Foreign Loan)
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२०.००
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कुल वैदेशिक सहायता
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१४९.०० करोड
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नेपालको योजनावद्ध विकासको इतिहासमा चौथो पञ्चवर्षीय योजना (२०२७–२०३२) का महत्वपूर्ण र कोशेढुङ्गे पक्षहरू:
| मुख्य पक्ष / क्षेत्र | विस्तृत विवरण र कोशेढुङ्गे लक्ष्यहरू |
| पूर्वाधार विकासमा प्राथमिकता |
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| कुल लगानी र खर्चको लक्ष्य |
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| कृषि तथा सम्बद्ध क्षेत्र विनियोजन |
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| उद्योग, विद्युत र खानी विनियोजन |
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| सामाजिक सेवामा जोड |
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| वैदेशिक सहायता प्रक्षेपण |
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| आन्तरिक आर्थिक स्रोत परिचालन |
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| निजी र पञ्चायत क्षेत्रको भूमिका |
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| संस्थागत पुनर्गठन |
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